eid ul adha namaz ka tarika in hindi

eid ul adha namaz ka tarika,दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम जानेंगे की बकरा  ईद की नमाज़ कैसे अदा  करें। eid ul adha इस्लाम मजहब का बहुत ही मुक़द्दस festival है। इस रोज नमाज़ अदा की जाती है जिसमे 2 रकात वाजिब नमाज़ अदा की जाती है।
 बकरा ईद भी ईद उल अजहा को ही कहते हैं क्योंकि बकरा ईद पर क़ुरबानी दी जाती है जो की बकरे ,दुम्बे ,भेंसे या ऊंट की होती है। अगर आप पूरी तरह से ईद की नमाज़ को सीखना च्चते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़े इंशा अल्लाह आप जरूर सिख जायेंगे।

नमाजे ईद की तरकीब(eid ul adha namaz ka tarika)

हम निचे दी गयी स्टेप्स से ईद की नमाज़ सीखेंगे :-

  • नियत करें :-

की मैंने दो रकाअत नमाजे ईदुलअजहा की छह ज़ायद तकबीरों के साथ मुंह काबा शरीफ की तरफ, पीछे इस इमाम के अल्लाहु अकबर-तकबीर के बाद हाथ बांधे

  • सना पढ़े :-

सना (सुब्हान कअल्ला हुम्मा) पढ़ी जाएगी।

  • तकबीरें पढ़ें :-

 फिर इमाम के साथ दोबारा हाथ उठाकर तीन तकबीरें कही जाएगी। तीसरी तकबीर के बाद हाथ बांध लिए जाएंगे। इमाम की किरअत. और रूकूअ व सुजूद से फारिग होगा।

  • दूसरी रकात :-

दूसरी रकअत में रूकूअ में जाने से पहले तीन तकबीरें हाथ उठाकर कही जाएंगी और चौथी तकबीर बगैर हाथ उठाए कहते हुए रूकूअ में जाएंगे।नमाज के बाद इमाम खुत्वा पढ़ेगा। नमाजी खामोशी से खुत्वा सुनेंगे, खुत्बे के बाद दुआ से फारिग होकर मुसाफह व मुआनका (गले मिलना) करना हुजूर स्वलल्लाहो अलैहे वसल्लम की सुन्नत है।मैंने ऊपर बेहतर तरीके से आया है की eid ul adha की नमाज़ कैसे पढ़े।  बात यह है की ईद उल फ़ित्र की नमाज़ भी ऐसे ही पढ़ी जाती है बस  नियत करते वक़्त ईद उल अजहा की जगह ईद उल फ़ित्र कहना होता है।

bakra eid kab hai 2020 :-

बकरा ईद जुल हिज्जाह के महीने की 10 तारीख को मनाई जाती है। dhu al hiddah हिजरी संवतं काम आखिरी महीना होता है। Dhu al-Qi’dah इससे पहले वाला महीना है जो की अभी चल रहा है Dhu al-Qi’dah महीना 21 जुलाई को ख़तम हो जायेगा इसके बाद 22 जुलाई से नया महीना Dhu al-Hijjah शुरू होगा जिसकी 10 तारीख को बकरा ईद मनाई जाती है यानी की इस हिसाब से 31 जुलाई को 10 तारीख होगी तो इसके मुताबिक 31 जुलाई को इस्लामिक त्योहार ईद उल अजहा मनाया जायेगा।ईद उल आधा 

eid ul adha ghusl niyat या ghusl ka tarika for men and women 

वैसे तो ईद उल अजहा या बकरा ईद के लिए अलग से कोई गुसल का तरीका नहीं है फिर में बता देता हूँ की सही गुसल कैसे करें। सबसे पहले अपने दाहिने हाथ को धोए फिर दाहिने हाथ से बायीं हाथ को धोए फिर अपने निजी अंगों को धोए ताकि नापाकी हट जाए इसके बाद कुल्ली करें मिस्वाक करें अगर मिस्वाक नहीं है तो अपने दाहिने हाथ की बड़ी अंगुली से मुँह साफ़ करें और फिर नाक में नरम हादी तक काम से काम तीन बार पानी डाले  फिर आप चाहे तो आगे पूरा वुजू बनाये। फिर अपने पुरे बदन पर पानी बहाये ताकि कोई भी हिस्सा सूखा न रहे यही सही गुसल का तरीका है फिर अगर कुछ गलत हो तो मुझे बताना मुनासिब समझे। औरत के और मर्द के गुसल में कोई अंतर नहीं है पर जब औरत निफ़ास से हटती है तो उसे मुश्क (इत्र) लगे कपडे से अपने निजी भागों को तीन बार साफ़ करना चाहिए। 

बकरा ईद का महत्व 

बकरा ईद इस्लामिक त्योहार है ये केवल इंडिया ही नहीं बल्कि विश्व के सभी इस्लामिक देशों में मनाई जाती है। eid ul adha को मुसलमान कुरबानी के त्यौहार के रूप में मानते हैं। इसे मानने का मक़सद इस्माइल अली सलाम से जुड़ा है वो एक इस्लाम के नबी थे। qurbani ki dua in hindi 

इन्नी वज्जह्तु वज्हि-य लिल्लज़ी फ़-त-रस्समावाति वल अर-ज़ अला मिल्लति इब्राही- म हनीफ़ंव व मा अना मिनल मुश्रिकीन इन-न सलाती व नुसुकी व महया-य व ममाती लिल्लाहि रब्बिल आ ल मी न ला शरी-क लहू व बि ज़ालि-क उमिर्तु व अना मिनल मुस्लिमीन अल्लाहुम-म मिन-क व ल-क अन ० बिस्मिल्लाह वल्लाहू अकबर. 

qurbani ki dua in urdu

إِنِّي وَجَّهْتُ وَجْهِيَ لِلَّذِي فَطَرَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ حَنِيفًا وَمَا أَنَا مِنَ الْمُشْرِكِينَ إِنَّ صَلَاتِي وَنُسُكِي وَمَحْيَايَ وَمَمَاتِي لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ  لَا شَرِيكَ لَهُ وَبِذَلِكَ أُمِرْتُ وَأَنَا أَوَّلُ الْمُسْلِمِينَ، بِسْمِ الله الله أَكْبَرُ. मुझे उम्मीद है की मेरी पोस्ट eid ul adha namaz ka tarika आपके लिए मददगार रही होगी। कमेंट करके बताये अगर आपको कोई प्रॉब्लम हो।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *