wuju aur gusl ke farz aur sunnat in hindi

  wuju ke farz aur sunnat

इस पोस्ट में हम नमाज़ के लिए सबसे अहम् चीज़ wudu (वुजू )के बारे में पढ़ेंगे। नमाज़ के लिए जरुरी है की हम नापाक न हों यानी हमें ग़ुस्ल करके नहाना च्चिए जिसका तरीका मैंने निचे इसी पोस्ट में बताया है। इसके बाद जरुरी है की हम नमाज़ पढ़ने से पहले वुजू करें इसलिए मैंने wudu steps को यहाँ बताया है। वुजू के लिए कुछ फ़र्ज़ है जिनके बिना वुजू नहीं होता है उन्हें धयान में रखना जरुरी है। मैंने वुजू के फ़र्ज़ के अलावा वुजू के फ़र्ज़ ,वाजिब,सुन्नत आदि को सही तरीके से बताया है ताकि समझने में कोई परेशानी न हो।

वुजू की दुआ :-

वुजू करने से पहले हमें बिस्मिल्लाह पढ़ना चाहिए और वुजू करने के बाद निचे वाली दुआ पढ़नी चाहिए
Ashadu an la ilaha illallah wa Ashad Anna Muhammadan Rasululullah

वुज़ू के फर्ज़

  • एक बार अच्छी तरह हर उज़्व (अंग) का धोना :-सरीर की हर अंग को धोना फ़र्ज़ है
  • पूरा चेहरा धोना :-पेसानी से लेकर थोड़ी तक चेहरे को पूरी तरह तीन बार धोना फ़र्ज़ है। दाढ़ी है तो उसमे भी हाथ घुमाये ताकि कोई बाल सूखा न रह जाए।
  • दोनों हाथ कुहनियों समेत धोना:-दोनों हाथों को अच्छी तरह से कोहनी तक धोएं।
  • टखनों समेत दोनों पाँव धोना :-दोनों पैरों को तीन बार अच्छे से टखनों तक धोएं। पहले डायन पैर और उसके बाद बांया पैर धोएं।
  • चौथाई सर का मसह करना :-मसह करना सबसे अहम है। एक चौथाई सर का मसह करें यानी पानी लेकर हाथों को गर्दन के आस पास घुमाएं।

वुज़ू के वाजिब

  • अंगुठी या छल्‍ला अगर तंग हो तो उसको घुमाना ताकि पानी उसके नीचे पहुँच जाए

वुज़ू के सुन्नत

  • नियत करना
  •  बिस्मिल्लाह पढ़ना
  • तीन बार दोनों हाथ को  गट्टों तक धोना
  • तीन बार कुल्ली करना
  • तीन बार बार नाक में पानी डालना
  •  सर का मसह करना
  • दांढी में ख़लाल करना (ताकि कोई बाल सूखा जाए)
  • उंगलियों का ख़लाल करना
  •  कानों का मसह करना
  •  हर उज़्व को तीन बार धोना
  • धोते वक़्त हाथ से मलना
  •  तर्तीब से बुज़ू करना
  •  लगातार वुज़ू करना यानी इतना समय न लगाएं की कोई अंग अगर पहले धो लिया हो तो सुख न जाए।

वुज़ू के मुस्तहब

  • दाएँ जानिब से शुरू करना
  • गर्दन पर मसह करना.
  • नमाज़ के वक़्त से पहले वुज़ू करना
  •  क़िब्ले की तरफ रुख़ करके बैठगा
  • पाक और ऊँची जगह पर बैठकर वुज़ू करना
  • दूसरे की मदद के बगैर ख़ुद वुजू करना।

वुज़ू के मकरूह

  • वुज़ू करते वक़्त दुनिया की बातें करना
  • ज़्यादा पानी बहाना
  • नापाक जगह पर बुज़ू करना
  • सीधे हाथ से नाक साफ करना
  • सुन्नत के ख़िलाफ बुज़ू करना
  •  हर उज़्व को तीन बार से ज़्यादा धोना

ग़ुस्ल के फ़र्ज़ व सुन्नत 

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ग़ुस्ल के फ़र्ज़

 

इस पोस्ट में हम देखेंगे गुसल करने का तरीका और ग़ुस्ल कैसे करते हैं। ग़ुस्ल के फ़र्ज़ और सुन्नत हैं जिनके बिना ग़ुस्ल सही होता है इसलिए आपको बेहतर तरीके से बताया गया है की सही गुसल कैसे करें।

गुसल की दुआ :-

gusl ki dua की बात करें तो हमे गुसल  पहले बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम पढ़ना चाहिए। इसके बाद ग़ुस्ल करना शुरू करें।

ग़ुस्ल की दुआ हिंदी में (gusl ki dua in hindi)

 बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

ग़ुस्ल की दुआ उर्दू में(gusl ki dua in urdu)

بِسْمِ اللّٰہِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِیۡمِ

 

गुसल की  फर्ज़ (gusl ke farz)

  1. कुल्ली करना :-ग़ुस्ल के लिए हाथ धोने के बाद सबसे प्पहले कुल्ली करना चाहिए वो भी तीन बार। आप मिस्वाक भी कर सकते हैं पर अगर मिस्वाक नहीं हो तो आप दाहिने हाथ की अंगुली से भी दांत साफ़ कर सकते हैं।
  2. नाक में पानी डालना:-नाक में पानी डालें तीन बार पानी इस तरह डालें की नाक की नरम हड्डी तक पानी को जाने दे। लेकिन पानी को इतना जयादा आगे न जाने दे की आपको कोई परेशानी हो जाए।
  3. तमाम बदन पर पानी बहाना :-तमाम बदन पर पानी को बहाये ताकि कोई भी उज्व सूखा न रह जाए यहाँ तक की कोई बाल भी सूखा न रहे

गुसल की  सुन्नत (gusl ke sunnat)

  • इरादा करना
  •  दोनों हाथ का गट्ठों तक धोना
  • इस्तिंजा करना
  • पहले वुज़ू कर लेना
  • तीन बार तमाम बदन पर पानी बहाना।

मुझे उम्मीद है की यह पोस्ट आपको ग़ुस्ल और वुजू को लेकर सभी ख्यालों को दूर करेगी और आपको बेहतर नमाज़ कायम करने में मददगार होगी।

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